मंडुआ के विपणन हेतु कृषकों को मिलेगा लाभ कृ राज्य सरकार ने तय किया ₹48.86 प्रति किलोग्राम समर्थन मूल्य

मुख्य कृषि अधिकारी ने कृषकों, स्वयं सहायता समूहों व उत्पादक समूहों से मंडुआ संग्रहण में सक्रिय भागीदारी का किया आह्वान

राज्य सरकार द्वारा स्टेट मिलेट मिशन योजना के अंतर्गत पारंपरिक फसल मंडुआ (रागी) के प्रोत्साहन एवं उचित मूल्य सुनिश्चित करने हेतु वर्ष 2025-26 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹48.86 प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है। इस योजना का उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्रों के कृषकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना एवं मोटे अनाजों की खेती को बढ़ावा देना है।


मुख्य कृषि अधिकारी रुद्रप्रयाग लोकेन्द्र बिष्ट ने जनपद के कृषकों, स्वयं सहायता समूहों (ैभ्ळे), उत्पादक समूहों, ग्राम संगठनों, क्लस्टर लेवल फेडरेशन (ब्स्थ्) एवं आजीविका संघों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक मात्रा में मंडुआ का संग्रहण कर एम.पी.ए.सी.एस. (डच्।ब्ै) के माध्यम से उसका विपणन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इस पहल से न केवल कृषकों को उचित मूल्य प्राप्त होगा, बल्कि जनपद में मोटे अनाज उत्पादन की दिशा में एक सकारात्मक वातावरण भी बनेगा।
उन्होंने बताया कि मंडुआ जैसी पारंपरिक फसलों का पुनरुत्थान राज्य सरकार की प्राथमिकता में है, जिससे पर्वतीय कृषि प्रणाली को टिकाऊ एवं जलवायु अनुकूल बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि जिला कृषि विभाग द्वारा ब्लॉक एवं ग्राम स्तर पर किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, बीज उपलब्धता, प्रसंस्करण एवं विपणन संबंधी सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्य कृषि अधिकारी ने कृषकों से आग्रह किया है कि वे इस योजना का अधिकतम लाभ उठाते हुए मंडुआ के विपणन हेतु अपनी उपज को निकटतम सहकारी समितियों के माध्यम से बेचें, ताकि उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ प्राप्त हो सके।

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