15 दिन में समाधान नहीं तो आमरण अनशन, चोपता बाजार की बदहाली पर जनप्रतिनिधियों का प्रशासन को अल्टीमेटम


तल्लानागपुर की जीवनरेखा बने चोपता बाजार में पार्किंग, पेयजल, पॉलिटेक्निक भवन और अन्य मूलभूत सुविधाओं की मांग तेज, जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

--कुलदीप राणा आजाद 

रुद्रप्रयाग। तल्लानागपुर क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक पहचान माने जाने वाले चोपता बाजार की वर्षों पुरानी समस्याओं को लेकर अब जनप्रतिनिधियों का सब्र टूटने लगा है। हजारों ग्रामीणों की रोजमर्रा की जरूरतों का केंद्र होने के बावजूद चोपता बाजार आज भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। नाराज जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी विशाल मिश्रा को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान शुरू नहीं हुआ तो वे आमरण अनशन पर बैठेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
चोपता बाजार तल्लानागपुर क्षेत्र के अनेक गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख व्यापारिक केंद्र है। प्रतिदिन हजारों ग्रामीण यहां खरीदारी, व्यापार और आवश्यक कार्यों के लिए पहुंचते हैं। कृषि, बागवानी और स्थानीय उत्पादों के विपणन का भी यह प्रमुख केंद्र है, लेकिन विडंबना यह है कि आज तक बाजार में पार्किंग, सुलभ शौचालय, बेहतर यातायात व्यवस्था, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित नहीं हो सकी हैं।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यदि चोपता बाजार में आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएं तो यह क्षेत्र व्यापार, पर्यटन और रोजगार का बड़ा केंद्र बन सकता है। यहां प्रतिवर्ष चांदधार में तल्लानागपुर औद्योगिक विकास, कृषि, पर्यटन एवं महोत्सव का आयोजन भी होता है, जिससे क्षेत्र की संभावनाएं और अधिक बढ़ जाती हैं।
जिला पंचायत सदस्य संपन्न नेगी के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर चार प्रमुख मांगें रखीं


अधूरे पॉलिटेक्निक भवन का निर्माण शीघ्र पूरा किया जाए।
स्वीकृत चोपता बाजार पार्किंग का निर्माण तत्काल शुरू किया जाए।
तल्लानागपुर पेयजल फेस-2 योजना का अधूरा कार्य पूरा किया जाए।
तल्लानागपुर-तुंगनाथ पेयजल योजना का पुनर्गठन कर क्षेत्र को स्थायी पेयजल व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर इन मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो सभी जनप्रतिनिधि आमरण अनशन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए शासन और प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार होगा।
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर विकास कार्य दिखाई देने चाहिए, क्योंकि चोपता बाजार का विकास पूरे तल्लानागपुर क्षेत्र के विकास की कुंजी है।


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