मानसून सत्र को देखते हुए जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने किया जिला आपदा कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण

मानसून काल के दृष्टिगत जनपद में संभावित आपदा से प्रभावी रूप से निपटने की तैयारियों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी  प्रतीक जैन ने गुरुवार को जिला आपदा कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कंट्रोल रूम में तैनात कार्मिकों की उपस्थिति, संचार उपकरणों की कार्यक्षमता, रजिस्टर संधारण, कॉल रिस्पॉन्स प्रणाली आदि का बारीकी से जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आपदा नियंत्रण कक्ष 24×7 क्रियाशील रहना चाहिए। कंट्रोल रूम में आने वाली प्रत्येक सूचना का समयबद्ध संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों तक तुरन्त संप्रेषण किया जाए। उन्होंने कहा कि रात्रि ड्यूटी में तैनात कर्मियों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कंट्रोल रूम में रखे वायरलेस सेट, सैटेलाइट फोन, हाई फ्रीक्वेंसी रेडियो, सीसीटीवी मॉनिटरिंग सिस्टम तथा अन्य संचार उपकरणों की कार्यशीलता की जानकारी ली और आपात स्थिति में सभी साधनों की सक्रियता बनाए रखने को कहा।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी विकास खण्डों तथा संवेदनशील ग्रामों से प्राप्त सूचनाओं का रजिस्टर में स्पष्ट रूप से अंकन करने के साथ साथ उनका डिजिटल डेटा भी अंकित किया जाए। इसके अतिरिक्त कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारियों को आपदा प्रबंधन की बेसिक ट्रेनिंग तथा समय-समय पर स्कूलों आदि में मॉक ड्रिल कराने तथा पत्थर गिरने व भूस्खलन संभावित संवेदनशील क्षेत्रों का चिन्हीकरण कर उक्त स्थलों में चेतावनी बोर्ड आदि लगाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
उन्होंने बताया कि जनपद रुद्रप्रयाग एक आपदा संवेदनशील क्षेत्र है, जहाँ मानसून काल में भूस्खलन, सड़क बंदी, नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में कंट्रोल रूम तत्काल प्रभाव से आम जनमानस को सूचित करने हेतु चेतावनी अग्रसारित करना सुनिश्चित करें जिससे जनहानि से बचा जा सके।
निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने कंट्रोल रूम की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए लगातार सतर्कता और संवेदनशीलता बनाए रखने की अपील की।

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