05/02/2023

शैला की उम्मीदों में आशा के आने से किसको होगी निराशा?

Share at

शैला की उम्मीदों में आशा के आने से किसको होगी निराशा? 

कुलदीप राणा आजाद/केदारखण्ड एक्सप्रेस

रूद्रप्रयाग। जनपद की केदारनाथ विधान सभा वैसे तो हॉट सीट बनी हुई है। जहाँ राष्ट्रीय पार्टियों को निर्दलीय चुनौती दे रहे हैं वहीं दलों के भीतर भीतरी घात का खतरे का संदेह भी चुनाव के समीकरणों को बिगाड़ देता है। भाजपा द्वारा शैला रानी रावत को टिकट देने के बाद से ही आशा नौटियाल के प्रचार प्रसार में न आने से कही कयास बाजियाँ लगाई जा रही थी लेकिन अब शैला की उम्मीदों में आशा के आने से अन्य दलों के प्रत्याशियों को निराशा हाथ लग सकती है। 

दरअसल पिछली बार 2017 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने शैला रानी रावत को ही अपना प्रत्याशी घोषित किया था तब टिकट की प्रबल दावेदारी कर रही आशा नौटियाल ने भाजपा से बगावत कर निर्दलीय रूप में चुनाव लड़ा था जिसका खामियाजा भारतीय जनता पार्टी को इस कदर भुगतना पड़ा कि वह चौथे पायदान पर खिसक गई। जबकि आशा नौटियाल निर्दलीय होते हुए भी तीसरे स्थान पर रही। इस बार भी भाजपा के भीतर दावेदारों की फेहरिस्त लंबी थी जिसमें आशा नौटियाल की प्रबल दावेदारी थी।  आशा नौटियाल का एक बड़ा वोट बैंक है जिन्हें उम्मीद था कि इस बार भारतीय जनता पार्टी आशा नौटियाल को अपना प्रत्याशी घोषित करेगी लेकिन इस बार भी भाजपा ने शैला पर विश्वास जताया। लेकिन टिकट देने के बाद से ही भाजपा से विधायक की दावेदारी कर रहे दावेदारों की दूरियां बना रखी थी इसमें आशा नौटियाल भी शामिल थी। 

चुनावी माहौल में इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि कहीं आशा नौटियाल भीतरी घात कर भाजपा को बड़ा नुकसान ना पहुंचाएं क्योंकि टिकट मिलने के बाद से ही आशा नौटियाल चुनाव प्रचार में प्रत्याशी शैला रानी रावत के साथ कहीं भी दिखाई नहीं दे रही थी। जबकि निर्दलीय और कांग्रेसी इस बात को लेकर काफी उत्साहित नजर आ रहे थे। 

लेकिन आज आशा नौटियाल द्वारा भाजपा प्रत्याशी शैला रानी के साथ में केदारघाटी के विभिन्न गाँवों में प्रचार-प्रसार कर विरोधियों के मंसूबों पर ना केवल पानी फेर दिया है बल्कि आगामी दिनों में कहीं ना कहीं प्रत्याशियों के चेहरे पर निराशा भी ला सकती हैं। देखना होगा आगामी दिनों में शैला और आशा की एकता भाजपा को कितना मजबूत करती है।


सभी मतभेदों को भुलाकर शैला रानी रावत व आशा नौटियाल आपस में गले मिले और केदारघाटी में भाजपा के प्रचम लहराने की शपथ ली

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed