तो ऐसे कैसे पटरी पर आएगी सरकारी शिक्षा व्यवस्था, एक अधिकारी के पास पांच अतिरिक्त दायित्व …

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तो ऐसे कैसे पटरी पर आएगी सरकारी शिक्षा व्यवस्था, एक अधिकारी के पास पांच अतिरिक्त दायित्व …

 रूद्रप्रयाग। शिक्षा विभाग के गाड़ी-घोड़े वाले अधिकारी मुख्यालय में कुर्सी तोड़ रहे हैं और बिना गाड़ी और सुविधाविहीन एक अधिकारी के पास पांच अतिरिक्त दायित्व दे दिए। क्या ऐसे में सरकारी शिक्षा व्यवस्था पटरी पर लौट जायेगी। शायद कभी नहीं। 

जिले में एक खंड शिक्षाधिकारी को पांच अतिरिक्त दायित्व सौंपे गए है। है ना कमाल की बात।  स्थिति यह है कि उन्हें विभाग की ओर से वाहन तक नहीं दिए गए हैं। ऐसे में एक अधिकारी 941 से अधिक स्कूलों का निरीक्षण व मूल्यांकन कैसे और कब करेंगे यह सोचनीय प्रश्न है। 

लेकिन शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों ने शायद खण्ड शिक्षा अधिकारी को मशीन समझ लिया है। वे भूल गए हैं कि वह भी इन्सान हैं। जखोली ब्लॉक के खंड शिक्षाधिकारी यशवीर सिंह रावत को अगस्त्यमुनि और ऊखीमठ ब्लॉक के खंड शिक्षाधिकारी व उप शिक्षाधिकारी का अतिरिक्त दायित्व भी सौंपा गया है। अधिकारी को कम से कम दो-दो दिन प्रत्येक ब्लॉक में बैठना होगा। साथ ही वहां विभागीय बैठकों के साथ शिक्षकों/कर्मचारियों से जुड़े मामले हल करने के साथ ही प्रशासनिक बैठकों में भी शिरकत करनी होगी।

जखोली से अगस्त्यमुनि की दूरी 36 किमी है और ऊखीमठ की दूरी 50 किमी है। वहीं, जिले में 525 प्राथमिक, 187 उच्च प्राथमिक, 45 उच्चतर माध्यमिक, 105 इंटरमीडिएट कॉलेज हैं, जिसमें केंद्रीय विद्यालय, जवाहर नवोदय और राजीव गांधी नवोदय विद्यालय भी हैं।

मुझे जो भी जिम्मेदारी मिली है उसका अपने स्तर से बेहतर निर्वहन का प्रयास करूंगा। मेरा एक ही उद्देश्य है शिक्षा, शिक्षण, शिक्षक और छात्र–छात्राओं के हितों को ध्यान में रखकर कार्य करना है।

– यशवीर सिंह रावत, खंड शिक्षाधिकारी जखोली/अस्त्यमुनि/ऊखीमठ

शिक्षकों को कोई जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई है। इसलिए जिले में तैनात एकमात्र खंड शिक्षाधिकारी को अन्य दो ब्लॉकों के अतिरिक्त दायित्व सौंपे गए हैं। अधिकारियों की कमी के बारे में निदेशालय व शासन को पत्राचार से अवगत कराया जा चुका है।

– यशवंत सिंह चौधरी, मुख्य शिक्षाधिकारी रुद्रप्रयाग

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