फर्जीवाडा: प्रधान की फर्जी मुहर बनाकर 12 फाईले पहुँचा दी ग्राम विकास अधिकारी के कार्यालय में, प्रधान को लगी भनक तो अब मामले को रफादफा करने की कोशिस

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फर्जीवाडा: प्रधान की फर्जी मुहर बनाकर 12 फाईले पहुँचा दी ग्राम विकास अधिकारी के कार्यालय में, प्रधान को लगी भनक तो अब मामले को रफादफा करने की कोशिस

-कुलदीप राणा आजाद/केदारखण्ड एक्सप्रेस

रूद्रप्रयाग। जखोली विकासखण्ड के एक गाँव में प्रधान की फर्जी मुहर बनाकर और फर्जी हस्ताक्षर कर मनरेगा की 12 फाइलें ग्राम विकास अधिकारी कार्यालय पहुँचा दी गई। मामले का खुलाशा तब हुआ जब स्वयं प्रधान अपनी फाइलें लेकर ग्राम विकास अधिकारी कार्यालय पहुँची। प्रधान को बतया गया कि आपने पहले ही 12 फाइले दे रखी है ऐसे में और फाइले कैसे पास होंगे तो फिर प्रधान हैरान रह गई। पूरे मामले को अपको समझाते हैं किन्तु पहले आपको यह भी बता दे कि प्रधान को पूरे मामले का पता चलने के बाद भी उनके द्वारा कोई कार्यवाही इसमें नहीं की गई बल्कि इसे मामले को रफादफा करने की कोशि की जा रही हैं। 

दरअसल पूरा मामला विकासखण्ड जखोली के अरखुड का है जहाँ वर्तमान में महिला प्रधान हैं लेकिन इस गाँव के ही उप प्रधान पति द्वारा प्रधान की फर्जी मुहर बनाई गई और न सिर्फ मुहर बनाई गई बल्कि मनरेगा के तहत 12 कार्यों की फाइल भी तैयार की गई जिसमें प्रधान की मुहर के साथ फर्जी हस्ताक्षर कर ग्राम विकास अधिकारी कार्यालय भेज दी गई। शायद मामले का खुलाशा होता भी नहीं किन्तु प्रधान द्वारा जब ग्राम विकास अधिकारी कार्यालय सम्पर्क कर कुछ कार्य प्रस्तावित करने को कहा गया तो पता चला कि वहां पहले से ही 12 फाइले पहुँची हुई हैं जिस पर प्रधान हैरान रह गई। इसके बाद अरखुड की महिला प्रधान सीधे ग्राम विकास अधिकारी कार्यालय पहुँची तो वहां फाइले देखकर पता लगा कि उप प्रधान पति द्वारा प्रधान की मुहर बनाकर फर्जी हस्ताक्षर भी किए हुए हैं। हालांकि अभी किसी भी कार्य में वर्क ऑडर नहीं हुआ है। 

इस मामले में प्रधान ने खण्ड विकास अधिकारी जखोली को पत्र सौंपकर कार्यवाही की मांग की है। किन्तु दूसरी तरफ जब यह बात उप प्रधान पति को पता चली तो वे गाँव वालों के साथ मिलकर मामले को रफादफा करने की कोशिस की जा रही है। हालांकि 30 जुलाई को इस प्रकरण में गाँव में बैठक भी रखी गई है। हालांकि प्रधान से इस बाबत पूछा गया तो वे अभी किसी भी कार्यावाही से इनकार कर रही थी और उनका कहना था कि गाँव का मामला है इस लिए बैठक के बाद ही इस पर निर्णय लिया जायेगा। 

उधर पूरे प्रकरण में खण्ड विकास अधिकारी सूर्यप्रकाश साह  जखोली का कहना है प्रधान को पूरे मामले में एफआई आर दर्ज करवाने के लिए पहले ही कहा चुका है किन्तु प्रधान द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं करवाई है। हालांकि उन्होंने कहा कि प्रधान द्वारा एक शिकायती पत्र मुझे भी दिया गया है जिसे मुख्य विकास अधिकारी को प्रेषित किया जा रहा है। 

अब जरा सोचिए फर्जी मुहर और हस्ताक्षर कर एक उप प्रधान पति 12 फाइलें ग्राम विकास अधिकारी कार्यालय पहुँचा देता है और लाखों रूपये के कार्यों को स्वीकृत कर बड़े भ्रष्टाचार को अंजाम दे रहा था। यानी की जनता के पैंसो को गबन करने की योजना बइनाई गई थी। किन्तु मामले को ग्राम सभा की मिटिंग बुलाकर रफादफा करने की कोशिस की जा रही है। जबकि यह एक संगीन अपराध है। जिसमें न केवल एक संवैधानिक पद के साथ खिलवाड़ किया गया है बल्कि फर्जीवाड़ा भी किया जा रहा था। ऐसा भी संभव है कि न जाने यह व्यक्ति कब से प्रधान की फर्जी मुहर का प्रयोग कर रहा है और न जाने कितने कार्य इसके द्वारा किया गया है। 

देखना होगा कि खण्ड विकास अधिकारी इस मामले में उच्चाधिकारी को अवगत करवाते हैं या नहीं या फिर इसी तरह पूरे फर्जीवाड़े पर पर्दा डाला जाता है? देखना यह भी होगा कि उच्चाधिकारी पूरे मामले को लेकर क्या कुछ कार्यवाही करते हैं। 

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