अविवाहित गर्भवती मौत मामले में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज, अस्पताल प्रबन्धन ने भी बैठाई जाँच

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 अविवाहित गर्भवती मौत मामले में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज, अस्पताल प्रबन्धन ने भी बैठाई जाँच

-कुलदीप राणा आजाद

रूद्रप्रयाग। बीते रोज जिला अस्पताल से अविवाहित गर्भवती युवती जच्चा-बच्चा मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया था जिसने पूरे जिले को चौका दिया था। मामले में युवती के दादा ने अज्ञात के खिलाफ पोक्सों रेप मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है। जबकि अस्पताल प्रबन्धन ने भी तीन सीनियर डॉक्टरों की जांच कमेठी बनाई है जो मामले की जांच कर रही है। हालांकि यह सर्व विदित है कि अस्पताल की जाँच अस्पताल के ही पक्ष में आनी है। 

दरअसल  22 जुलाई को दोपहर साढ़े बारह बजे एक युवती अपनी माँ के साथ जिला अस्पताल पहुँचती है जहां वह पेट दर्द की शिकायत करती है। डॉक्टर सामन्य रूप से देखकर उसे कुछ जांच करवाने के लिए कहता है। बताया जा रहा है कि बाद में नाबालिक अविवाहित युवती को सामान्य वार्ड में भर्ती किया गया। लेकिन इसके बाद की जो कहानी है उसने जिला अस्ताल पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इस रात्रि को इस युवती को प्रसव पीड़ा होती है और वह अस्पताल के शौचालन में बच्चे को जन्म दे देती है। और बाद में इसका अत्यधिक रक्तश्राव होने के कारण इसकी मौत हो जाती है जबकि अगले दिन नवजात शिशु मृत अवस्था में सफाई कर्मचारियों द्वारा देखा गया। जिसके बाद यह पूरा प्रकरण आग की तरह फैल गया। हैरान करने वाली बात है भी है कि उस डॉक्टर को युवती के गर्भवस्था का कैसे पता नहीं चला है जबकि गर्भधारण के 9 महिने में तो बहुत बड़े शाररिक परिवर्तन आ जाते हैं?

अस्पताल प्रबन्धन की माने तो युवती ने अस्पताल के शौचालन में  बच्चे को जन्म दिया किन्तु हैरान और परेशान करने वाली बात यह है कि प्रसव के दौरान युवती के चीखने चिल्लाने की किसी ने कोई आवाज तक नहीं सुनी। जबकि जनरल वार्ड (जहां युवती भर्ती थी) वहां से शौचालय करीब 30 फीट के दायरें में है जबकि उसके बीच मेडिकल स्टाफ का कक्ष भी है। आखिर रात के वक्त स्टॉफ कहां सोया हुआ था। रात के सन्नाटे में क्यों किसी ने प्रसव वेदना से कराहती उस युवती का दर्द नहीं सुना? और जब युवती शौचालय में बच्चे को जन्म देने के बाद वापस आती है तो फिर उसके बाद कैसे मेडिकल स्टाफ को पता चलता है। पूरा मामला संदेह के घेरे में जरूर है और सवाल यह उठता है कि जिला अस्पताल मेडिकल प्रबन्धन द्वारा जो इस पूरे प्रकरण में बताई गई वह एक मनगढ़त कहानी तो नहीं है? क्योंकि कहानी जिस तरह से सवाल पैदा कर रही है उससे यही प्रतीत प्रथम दृष्टितः हो रहा है। सवाल यह भी है कि अविवाहित नाबालिग लड़कि को आखिर किसने गर्भवती बनाया है।? 

 क्या कहता है मेडिकल जिला अस्पताल का प्रबन्धन

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